और आप सभी का हमारे ब्लॉग पर एक बार फिर तहे दिल से स्वागत है तो दोस्तों अगर आप सच में भगवान श्री कृष्ण के भक्त हैं तो वीडियो को एक लाइक कर दीजिए चैनल को सब्सक्राइब कर दीजिए एवं कमेंट में एक बार लिख दीजिए जय श्री कृष्णा यह कहानी महाभारत काल की है जब दुर्योधन सहित उसके 99 भाइयों का पांडवों द्वारा वध किया गया था तब दुर्योधन की माता गांधारी ने रणभूमि में आकर अपने पुत्रों के शवों पर ब्लॉक किया था तब माता गांधारी ने अपने सौ पुत्रों की के दुख में आकर कृष्ण को यह श्राप दिया था कि 36 वर्षों के बाद उनका और उनके पूरे कुल का सर्वनाश हो जाएगा और साथ ही द्वारका नगरी भी विध्वंस हो जब मैं ा जब माता गांधारी का क्रोध शांत हुआ तब उन्हें बहुत पश्चाताप होता है और श्रीकृष्ण से माफी मांगती है फिर भगवान श्री श्रीकृष्ण उन्हें समझाते हुए कहते हैं यह माता यह तो विधाता द्वारा लिखित विधि का विधान है इस संसार में जो जैसा कर्म करता है उसको वैसा ही फल मिलता है फिर श्री कृष्ण कहते हैं हे माता आप इसका शौक ना करें जब मेरे कुल का सर्वनाश होने का समय आएगा तो सबसे पहले शुरुआत मुझसे ही होगी फिर जब महाभारत का युद्ध समाप्त हुए 36 साल हो गए तब भगवान श्रीकृष्ण श्री कृष्ण के वंश काफी शक्तिशाली हो चुके थे और उनमें काफी अहंकार आ चुका था तब भगवान श्रीकृष्ण समझ गए थे कि अब इनका अंत करना अनिवार्य हो गया फिर भी रे फिर धीरे धीरे धीरे-धीरे माता गांधारी द्वारा दिए गए दिखना शुरू हो गया यदुवंश के सभी महाबली योद्धा आपस में लड़ने लगे और एक दूसरे को समाप्त करने लगे तब श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम ने भी अपना देह त्याग दिया और शेषनाग के रूप में अपने निश्चित स्थान पर चले गए दूसरी ओर भगवान श्रीकृष्ण भी जंगल में चले गए और जंगल में जाकर एक पेड़ के नीचे विश्राम करने लगे तभी वहां एक शिकारी आता है और वह भगवान श्री कृष्ण को हिरण समझ कर उन पर तीर चला देता है वह तीर सीधा भगवान श्री कृष्ण के तलवे में लगता है उसी क्षण भगवान कृष्ण अपना देह त्याग देते सिखा र ी शिकारी वही बाद ही था जिसकी मृत्यु रामायण काल में राम जी ने धोखे से की थी तो इस तरह भगवान श्री कृष्ण ने अपना देह त्याग था ा का ता हूं करता हूं कि आपको हमारी यह वीडियो पसंद आई होगी अगर पसंद आई है तो ब्लॉग को एक लाइक कर दीजिए ब्लॉग को
कर दीजिए एवं कमेंट में एक बार लिख दीजिए जय कृष्णा कृष्णा

